बुन्देस्लिगा को बंद दरवाजों के पीछे मिली मंजूरी

बुन्देस्लिगा यूरोप की पहली फुटबॉल  लीग बनने जा रही है जिसको कोरोना के चलते स्थगित करने के बाद फिरसे शुरू करने की मंजूरी मिल गयी है| गोल.कॉम  के हवाले से आयी ख़बर के मुताबिक गुरूवार को जर्मन फुटबॉल संघ ने इसकी पुष्टि करते हुए  कहा कि  इस फैसले के चलते 16 मई से फिरसे खेल की शुरुआत होने जा रही है | 16 मई को छब्बीसवें मैच के  दिन बोरुस्सिया डोर्टमुंड, स्चाल्के का सामना करेगी|

27-28 जून को 2019-20 की लीग का आखिरी मैच खेले जाने की सम्भावना है|बुधवार को जर्मनी की इस घरेलू फुटबॉल प्रतियोगिता को हरी झंडी मिली| जर्मन सरकार ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा की प्रतियोगिता को फिरसे शुरू किया जा रहा है जो की कोरोना के चलते मार्च मे बंद कर दी गयी थी|

बता दें की टूर्नामेंट को निर्देश दिए गये हैं की कोरोना की सारी हिदायतों को माना जाये और मैदान में  जैविक उपकरण लगाये जाएँ जो की मेडिकल सुविधाओं के लिए अनिवार्य हैं|

सभी मैच बिना दर्शकों के कड़ी सुरक्षा की स्थिति में  सभी खिलाडियों, रेफरी और कोच  की जांच करने के बाद खेले जायेंगे|मैदान में ज्यादा से ज्यादा 330 लोगों के मौजूद रहने को अनुमती है| बचे हुए सीजन के दौरान खिलाडियों को क्वारंटाइन मे रखा जाएगा और उनके लिए अलग से तयारी के लिए कैंप लगाये जाएंगे|

इस समय दुनिया भर की खेल गतिविधियों पर कोरोना के चलते रोक लगी हुई है |फ्रांस और नेदेर्लंड्स की घरेलू फुटबॉल प्रतियोगिताएं पर भी कोरोना के चलते रोक लगी हुई है|

जर्मन फुटबॉल लीग(डीऍफ़एल)  के सीईओ  क्रिस्चियन सिएफेर्ट ने कहा है की बंद दरवाज़ों के पीछे ऐसे खेल करवाना सबसे अच्छा तरीका तो नहीं है मगर इसके बिना उनके पास कोई रास्ता भी नहीं है| चांसलर एंजेला मर्केल और जर्मन फ़ेडरल की मुखियों ने बुधवार को फैसला लिया की बुन्देस्लिगा और बुन्देस्लिगा-2 मई के मध्य से शुरू कर सकते हैं|” आज का ये फैसला बुन्देस्लिगा और बुन्देस्लिगा 2 के लिए काफी ख़ुशी भरा है मगर इसके साथ ही क्लब और उनमे काम कर रहे करमचारियों की जिम्मेदारी बढ़ गयी है और उन्हें अब मेडिकल और संगठनात्मक जरूरतों को अच्छे से निभाना है|

डीऍफ़एल की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार सीफेर्ट ने कहा कि”बिना दर्शकों के मैच करवाना किसी के लिए भी अच्छा निर्णय नहीं है| बहरहाल इस महामारी के चलते यही एक रास्ता है जिससे आज की स्थिति में  मुश्किल वक़्त से गुजर रहे क्लबों और इस लीग को बचाया जा सकता है| उन्होंने ये  फैसला लेने वालों का धन्यवाद किया और सरकार और अधिकारीयों द्वारा उनपर भरोसा जताने के लिए शुक्रिया अदा किया|”

कोरोना का असर पुरे खेल जगत पर हुआ है और इसी वजह से एलऍफ़पी ने 30 अप्रैल को 2019-20 के सीजन का अंत घोषित करते हुए पेरिस संत जरमेन को लिग 1 का विजेता करार दिया|

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  1. Pingback: बिना दर्शकों के भी ऍफ़.सी. स्चाल्के के खिलाफ मैच तीव्र होने वाला है: रेना - The Hindi Mail May 11, 2020

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