मास्क लगाए हुए पुजारी और न्यूनतम सार्वजनिक उपस्थिति के बीच हुई इस बार की जगन्नाथ यात्रा

कोरोनोवायरस महामारी के बीच, सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुछ प्रतिबंधों के तहत इस बार की रथ यात्रा को ले जाने की अनुमति मिली थी। उसके बाद प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा 23 जून को शुरू हुई थी।

इस साल की रथ यात्रा बहुत ही अलग थी। इतिहास में पहली बार, भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के विशाल रथों को लाखों भक्तों के बिना पुरी की सड़कों पर लुढ़काया गया।

IMG 20200703 WA0002

इस पवित्र त्योहार में आमतौर पर दुनिया भर से हजारों लोगों आतें हैं। पर इस वर्ष कोरोनोवायरस महामारी के कारण, रथ यात्रा को प्रतिबंधित तरीके से आयोजित किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस बार ओडिशा के पुरी में होने वाले वार्षिक उत्सव का संचालन करने के लिए सशर्त मंजूरी दी। निवारक उपाय के रूप में, प्रशासन ने प्रत्येक रथ को खींचने के लिए केवल 500 लोगों को अनुमति दी, बशर्ते उन सभी ने COVID-19 के लिए नकारात्मक परीक्षण किया हो।

IMG 20200703 192007

भक्तों ने मास्क लगाए रखा

इस बार 23 जून से शुरू हुई सात दिवसीय उत्सव में बड़ी संख्या में पुजारी और मंदिर में मंदिर के परिचारक शामिल हुए। हालांकि, कोरोनोवायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई के बीच सार्वजनिक भागीदारी को कम से कम रखा गया।

दुनिया भर में लाखों भक्तों के लिए, रथ यात्रा का लाइव टेलीकास्ट आयोजित किया गया था, जिसे वे अपने टीवी, मोबाइल फोन और लैपटॉप पर देख सकत थे। भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में जिन्होंने भाग लिया उन्होंने  सामाजिक दूरी बनाए रखी।

Leave a Reply

%d bloggers like this: