चक्रवात निसर्ग को लेकर मुंबई के तटीय इलाकों में अलर्ट, एनडीआरएफ की 15 टीमों को किया गया तैनात

देश अभी एक चक्रवात से उबर नहीं पाया था कि महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में दूसरा चक्रवात निसर्ग  दस्तक देने को तैयार खड़ा है। आज रात मुंबई में के अलर्ट वाले स्थानों पर यह तबाही मचा सकता है।

चक्रवात निसर्ग के खतरे को देखते हुए एनडीआरएफ की 15 टीमों को महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है। जिन स्थानों पर ये टीमें तैनात है उनके नाम मुंबई, रायगढ़, पालघर, ठाणे, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, नवी मुंबई हैं।

एनडीआरएफ की टीम ने समुद्री क्षेत्र का निरीक्षण किया और एनडीआरएफ के कमांडर, ईश्वर मेट ने कहा, ”एनडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट वाले स्थानों पर तैनात किया गया है। एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों को चक्रवातों के दौरान आने वाली कठिनाइयों से निपटने में मदद करेंगी।

चक्रवात पर बोलते हुए, महाराष्ट्र के पुनर्वास मंत्री विजय वट्टीवर ने कहा कि चक्रवात का असर दक्षिण अरब सागर में अधिक देखा जा सकता है, हमने पहले ही इस क्षेत्र को अलर्ट पर रख दिया है। उन्होंने आगे कहा कि मछुआरों को कोंकण, मुंबई में समुद्र के किनारे को खाली करने के लिए कहा गया है। 6 NDRF की टीमों को सिंधुदुर्ग जैसे समुद्र के पास के इलाकों में तैनात किया गया है।

मंत्री ने आगे लोगों से न घबराने की अपील की है और कहा कि महाराष्ट्र सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार (1 जून) को कहा कि दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में मंगलवार तक चक्रवात नीसाग्रा में तेज होने की उम्मीद है और यह मुंबई, ठाणे, पालघर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग को प्रभावित कर सकता है। चक्रवात कोंकण जिले के आसपास के क्षेत्रों को भी प्रभावित करेगा।

IMD के अनुसार, मंगलवार और बुधवार को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। आईएमडी के वैज्ञानिकों ने कहा कि निसर्ग निचले इलाकों में, खासकर मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में बाढ़ ला सकता है और शहर में नुकसान पहुंचा सकता है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री, अमित शाह ने सोमवार को एनडीएमए, एनडीआरएफ, आईएमडी, और भारतीय तटरक्षक के अधिकारियों के साथ चक्रवात निसर्ग से निपटने की तैयारियों को लेकर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की है।

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