केंद्र सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए 14 राज्यों के लिए जारी किये 6,195 करोड़

केंद्र सरकार ने सोमवार को 14 राज्यों के लिए 6,195.08 करोड़ की सहायता राशि पोस्ट डेवोलुष्ण रेवेन्यू की दूसरी किस्त के रूप में जारी की है| यह राशि उन्हें कोरोना के दौर में अधिकतम साधन प्रदान करने में सहायता करेगी| वित्त मंत्रालय ने कहा 15वें फाइनेंस कमीशन की सिफारिशों पर 2020-21 के खाते में कर पूर्ति के लिए यह सहायता दी जा रही है|

वित् मंत्रालय ने कहा है की सहायता राशी के रूप में 49,141.66 आंध्र प्रदेश, 63158.35 असम, 95258.35 हिमाचल प्रदेश, 127691.66 केरला, 23533.35 मणिपुर, 4091.66 मेघालय, 11850 मिजोरम, 32621.66 नागालैंड, 63825 पंजाब, 35546.66 तमिलनाडु, 20966.66 त्रिपुरा, 42300 उत्तराखंड, 41775 वेस्ट बंगाल और 3733.33 सिक्किम को दिए जाएंगे|

वहीं हरयाणा सरकार ने केंद्र सरकार से गुज़ारिश की है की उद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को कब शुरू करना है इस बात का फैसला राज्य सरकार द्वारा किया जाना चाहिए| केंद्र सरकार ने पहले ही इन गतिविधियों को शुरू करने की आज्ञा दे दी है|

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह मांग उस समय रखी जब प्रधानमंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग कर रहे थे| खट्टर ने कहा “मुश्किल की इस घड़ी में, मजदूरों के लिए कानूनों में बदलाव अलग-अलग राज्यों में प्रतियोगिता का विषय नहीं होना चाहिए| उन्होंने प्रधानमंत्री को यकीन दिलाया कि सभी प्रयास किए जा रहे हैं ताकि हरियाणा की जीडीपी  2020-21 के आर्थिक साल के दूसरे भाग  में उसी स्तर पर लाई जा सके जितनी कि साल 2019-20 के दूसरे चरण दौरान थी|

27 अप्रैल को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया और उनसे यह आग्रह किया कि वह सी.डी.एस, जे.ई.ई, एन.ई.ई.ट, एन.डी.ए, इंजीनियरिंग कॉलेज के एग्जाम, और मेडिकल कॉलेज के एंट्रेंस एग्जाम पर बनी हुई अनिश्चितता को खत्म करें और इसके बारे में स्पष्ट जानकारी दें|

खट्टर ने इस बात पर भी जोर दिया कि स्कूल कॉलेज और वैदिक संस्थान को दोबारा खोला जाना चाहिए और 50 प्रतिशत अटेंडेंस को जरूरी बनाया जाए ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके| मुख्यमंत्री ने कहा हरियाणा ने इस समय में बहुत सारे बदलाव लाए हैं और कई नई योजनओं को शुरू कीया है| इस काल के दौरान उन्होंने “मेरा फैसला मेरा ब्यौरा” को भी लांच किया है जो कि किसानों को उनकी फसलों की पूरी जानकारी देगा| ऐसे ही “परिवार पहचान पत्र”, “मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना” और गांव को लाल डोरा से मुक्त करके जमीनों का मालिकाना हक उनके संबंधित मालिकों को दिया|

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