सिंधिया ने अपने ट्विटर अकाउंट से हटाया भाजपा का नाम, राजनीतिक दलों में अटकलें तेज

राजनीति के गलियारों में एक बार फिर से हलचल मच गई जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर अकाउंट से भाजपा का नाम हटा लिया। लोग बात करने लगे कि कहीं ये कोई संकेत तो नहीं।

अटकलें हुई दूर

हालांकि सभी अटकलें सिंधिया के अगले ट्विटर पोस्ट से हवा हो गई। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ये बेहद दुखद है कि गलत खबर बहुत जल्दी फैलती है।

इसके पहले के पोस्ट में उन्होंने भाजपा के सभी 24 नव्युक्त प्रभारियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा, “मध्यप्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा नियुक्त किए गए सभी प्रभारियों को मेरी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मुझे पूरा विश्वास है कि आप सभी का अनुभव और कार्यकर्ताओं की मेहनत भाजपा उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेगा।”

इस तरह की अटकलें लगना कोई आश्चर्य की बात नहीं थी। 18 साल तक कांग्रेस पार्टी के साथ काम करने के बाद उन्होंने हाल ही में भाजपा का हाथ थामा था। और मजे की बात यह है कि कांग्रेस छोड़ने से पहले भी उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से पार्टी का नाम हटा लिया था।

भाजपा से जुड़ने के बाद कुछ खास बदलाव नहीं

सिंधिया जब भाजपा से जुड़े थे तो उनका बेहद गरमजोशी से स्वागत हुआ था। कहीं ना कहीं सिंधिया का कांग्रेस छोड़ना ही मध्य प्रदेश में भाजपा की वापसी का कारण बना था। हालांकि सिंधिया भाजपा में आने के बाद से कोई खास कमाल नहीं कर पाएं हैं। मोदी कैबिनेट में उनको शामिल करने के चर्चे अब कम ही सुनाई देते हैं।

उपचुनाव को लेकर हलचल

उपचुनाव में भाजपा ने सिंधिया समर्थक सभी 22 विधायकों को टिकट देने का वादा किया तो है पर ऐसा होता हुआ नहीं दिख रहा है। कई सीटों पर पार्टी के पुराने नेता बगावत पर उतर आएं हैं। वहीं कुछ सीटों पर तो सिंधिया समर्थक पूर्व विधायकों की जीत पर संशय की बातें भी सामने आ रही हैं। हालांकि इसपर सिंधिया या उनके समर्थकों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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