राज्य की पबंदियो के कारण 630 उड़ाने रद्द

Pic credit: The Tribune

देश मे लम्बे लॉकडाउन के कारण दो महीने बाद सोमवार को विमानों ने उड़ान भरी। हालांकि राज्यों की मनाही के कारण आधी से ज़्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई। दूसरे राज्यों ने कोरोना से डर के माहौल के कारण तथा अलग अलग क्वारंटाइन नियमों के चलते असमंजस में उड़ानें रद्द कर दी। राज्य सरकारों के साथ तालमेल न होने के कारण भी अव्यवस्था पैदा हुई। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारों की संवेदनहीनता ने परेशानी बढ़ाई। 

अकेले दिल्ली में लगभग 82 उड़ानें रद्द हुई, जबकि 243 उड़ानें प्रस्तावित थी ।  जबकि मुम्बई, चेन्नई और हैदराबाद के हवाई अड्डों से भी उड़ानें घटाई गई। बंगाल और आंध्र प्रदेश से किसी उड़ान के लिए अनुमति नहीं मिली। इन दो राज्यों में हवाई सेवा गुरुवार से शुरू करने का फैसला लिया गया हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण महाराष्ट्र, तमिलनाडु जैसे राज्य हवाई सेवा के संचालन के पक्ष में नहीं थे परंतु दोनों राज्यों ने सीमित उड़ान की अनुमति दे दी हैं।

मुम्बई एयरपोर्ट ने सिर्फ कुल 50 उड़ानों की अनुमति दी जो कि देश का दूसरा सबसे व्यस्तम एयरपोर्ट हैं । चेन्नई एयरपोर्ट पर भी रोजाना 25 विमान आ सकते हैं। हैदराबाद एयरपोर्ट से रोज़ केवल 30 विमानों को उड़ान भरने की अनुमति मिली। असम,  बिहार,केरल,कर्नाटक एवं पंजाब का भी यही हाल रहा।

लॉकडाउन में यात्रा की बंदिशों को देखते हुए यात्री रविवार रात से ही विभिन्न एयरपोर्ट पर पहुंचने लगे थे। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फ्लाइट रद्द होने की खबर सुनने के पश्चात कुछ यात्रियों को निराशा का सामना करना पड़ा तथा कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा भी ज़ाहिर किया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि सोमवार के दिन कुल 532 विमानों ने उड़ान भरी तथा लगभग 39,231 यात्रियों ने सफर किया। एयरपोर्ट पर प्रवेश के दौरान सामाजिक दूरी का पालन किया गया तथा सेनिटाइज़ेशन का पूरा ध्यान रखा गया। 

कारोबारियों के क्वारंटाइन की शर्तों से राहत मिली हैं। राज्यों ने औद्योगिक गतिविधियों को जरूरी समझा हैं जिस कारण कारोबार के लिए एक दो दिन की यात्रा पर आए लोगों को क्वारंटाइन की शर्तों से छूट दी गई हैं। बता दें, देश में 25 मार्च से सभी अंतरराष्ट्रीय व घरेलू यात्री विमान सेवा बंद थी। इस दौरान सिर्फ़ कार्गो व कुछ आवश्यक सेवाओं से जुड़े विमानों को उड़ान भरने की अनुमति थीं। सरकार ने पिछले हफ़्ते ही सीमित घरेलू उड़ानों को शुरू करने का फैसला लिया। 

Leave a Reply

%d bloggers like this: