मुंबई में प्रवासी श्रमिकों की मदद करने के बाद, सोनू सूद ने अब केरल में 177 लड़कियों को एयरलिफ्ट किया

एक ही तो दिल हैं, कितनी बार जीतोगे !!

अभिनेता सोनू सूद इस पंक्ति पर खरे उतरते हैं। फ़िल्मो में चाहे वह विलेन का रोल निभाते हो परन्तु असल जिंदगी में वो सच्चे हीरो हैं। सोनू सूद ने अपने निस्वार्थ और दयालु अभिनय से कई लोगों का दिल जीत लिया है। उन्होंने मज़दूरों की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैं।

प्रवासी मज़दूरों को उनके गृहनगर तक पहुँचाने के लिए सोनू सूद बढ़ चढ़ कर कार्य कर हैं तथा उनके लिए बस एवं अन्य साधन मुहैया करा रहें हैं ,जो देशव्यापी लॉकडाउन के कारण शहर में फंस गए हैं।  बसों की व्यवस्था करने से लेकर एक हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर शुरू करने तक, सिम्बा ’के अभिनेता ने प्रवासी श्रमिकों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए एक लम्बी दूरी तय की है।

बॉम्बे टाइम्स के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, सोनू ने कहा था कि ” वह प्रवासियों के संघर्ष को जानते हैं क्योंकि यह उन्हें शहर में अपने शुरुआती दिनों की याद दिलाता हैं। जिन लोगों ने इन मुम्बई की इमारतों को बनाया हैं, वो अपने घरों से दूर रहें यह मैं देख नही सकता।”

शहर में प्रवासियों की मदद करने के बाद, सोनू ने अब असंभव को पूरा कर दिया है। उन्होंने लॉकडाउन के कारण एर्नाकुलम में फंसी 177 लड़कियों को एयरलिफ्ट किया है। ये लड़कियां एक स्थानीय फैक्ट्री में सिलाई और कढ़ाई का काम करती थी और COVID-19 की वजह से फैक्ट्री बंद होने के तुरंत बाद कहीं नहीं जा नहीं पाई थी ।

अभिनेता के करीबी एक सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार,  “सोनू को भुवनेश्वर के एक करीबी दोस्त द्वारा इन लड़कियों के बारे में बताया गया था और उसने स्थिति को संभालने और लड़कियों को उनके घर तक पहुँचाने का फैसला किया।”

अभिनेता ने चार्टेड प्लेन का इंतज़ाम कर कोच्चि एयरपोर्ट से इन लड़कियों को भुवनेश्वर तक पहुँचाया ताकि वे अपने परिवारों के साथ फिर से मिल सकें। भुवनेश्वर से उनके गाँव तक की अवधि 2 घंटे की होगी और जल्द ही लड़कियां अपने घर वापस पहुँच जाएंगी । 

महाराष्ट्र के राज्यपाल ने प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए सोनू सूद की प्रशंसा की तथा सोनू ने जवाब दिया कि ” उनका मज़दूरों को अपने परिवारों के साथ मिलाने का कार्य जारी रहेगा ।”

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