भारत में अमरीकी राजदूत ने भारत को पहला सौ वेंटिलेटर सौंपा

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नई दिल्ली: भारत में अमरीकी राजदूत केनेथ आई जस्टर ने मंगलवार को इंडियन रेड क्रॉस मुख्यालय में युनाइटेड स्टेटस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) की तरफ से नई दिल्ली को पहले सौ वेंटिलेटर सौंपे।

कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों के इलाज में इस्तमाल होंगे ये वेंटिलेटर

ये वेंटिलेटर कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए बेहद जरूरी थे, और जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने वादा किया था इसे भारत को सौंप दिया गया।
अमेरिका ने जो भारत को वेंटिलेटर दिए हैं वो जोल, जो कि अमेरिका स्थित एक फर्म है, ने बनाए हैं और शिकागो से अमेरिका में आए हैं। ये वेंटिलेटर बहुत ही उच्च स्तरीय तकनीक के हैं।

ANI से बात करते हुए एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, “सोमवार को संयुक्त राष्ट्र से दान के तौर पर सौ वेंटिलेटर भारत आ रहे हैं। वेंटिलेटर एयर इंडिया के विमान से भारत आएंगे और यह सबकुछ पूरी तरह इंडिया रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा प्रबन्धित किया जा रहा है।”
“एक बार वेंटिलेटर के भारत आ जाने के बाद आईआरसीएस में एक छोटा उद्धघाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। उसके बाद इन वेंटिलेटर को अस्पतालों को मरीजों के इलाज में इस्तमाल के लिए बांट दिए जाएंगे।” अधिकारी ने पूरी जानकारी देते हुए बताया।

कुल दो सौ वेंटिलेटर देने की हुई है बात

वेंटिलेटर कोरोनावायरस से संक्रमित नाज़ुक मरीजों के इलाज के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका ने अप्रैल महीने में भारत के अलावा और भी कई देशों को वेंटिलेटर दान स्वरूप देने का फैसला किया था।
इसके पहले भारत ने अमेरिका को हाइड्रॉक्सी क्लोरो क्वीन नामक टैबलेट भेजा था।
भारत की बात करें तो अमेरिका ने भारत को दो सौ वेंटिलेटर दान के रूप में देने की बात कही थी। 16 मई को ट्वीट करके डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा था, ”मुझे ये बताते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि संयुक्त राष्ट्र हमारे मित्र देश भारत को दान स्वरूप वेंटिलेटर सौंपेगा। इस सर्व्यवापी महामारी के समय में हम भारत और नरेन्द्र मोदी के साथ खड़े हैं। हम टीका विकसित करने में भी सहयोग कर रहे है। हम एक साथ मिलकर इस अदृश्य दुश्मन से लड़ेंगे।”

ट्रंप के इस ट्वीट का जवाब देते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया था और उनके इस कदम के लिए उनका शुक्रिया अदा किया था और भारत अमेरिका सम्बन्ध पर भी प्रकाश डाला था।
उन्होंने लिखा, “ ऐसे समय में ये बहुत जरूरी है कि सभी देश एक साथ मिलकर काम करें और जितना मुमकिन हो विश्व को स्वस्थ के COVID-19 मुक्त बनाने का प्रयास करें।”

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