संयुक्त राष्ट्र ने जारी की ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स की 2020 के लिए रिपोर्ट, भारत को टायर 2 कैटेगरी में रखा वहीं चीन टायर 3 कैटेगरी में

Pic Credit: ANI

वॉशिंगटन डीसी, USA: संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार(लोकल समय) को ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स की 2020 के लिए रिपोर्ट जारी की, जिसमें उसने भारत को बंधुआ मजदूरी सहित सभी तरह के ट्रैफिकिंग में छानबीन, मुकदमा, और सजा को बढ़ाने का सुझाव देते हुए 2013 से लगातार सातवीं बार टायर 2 कैटेगरी में रखा।

TVPA के मानकों के आधार पर हुआ निर्धारण

जिन देशों की सरकारें तस्करी पीड़ित संरक्षण अधिनियम(TVPA) के न्यूनतम मानकों को पूरी तरह से पूरा नहीं करते हैं परंतु इन मानकों के अनुपालन में खुद को लाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास कर रहीं हैं उन्हें टायर 2 कैटेगरी में रखा जाता है।

इस रिपोर्ट में उन्होंने लिखा, “भारत सरकार तस्करी के खात्मे के लिए न्यूनतम मानकों को पूरा नहीं कर रही है लेकिन ऐसा करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास कर रही है। सरकार ने पिछली रिपोर्टिंग अवधि की तुलना में समग्र रूप से बढ़ते प्रयासों का प्रदर्शन किया और इसलिए भारत टायर 2 में बना रहा।”
रिपोर्ट में ये भी लिखा, “देशभर में समस्या के पैमाने की तुलना में, विशेषकर बंधुआ मजदूर के तुलना में, कानून प्रवर्तन के प्रयास अपर्याप्त पाए गए। कानून के तहत पुलिस को सेक्स तस्करी और मजबूर श्रम जैसे समन्वयन अपराध के आयोग के बारे में जानकारी प्राप्त होने पर प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए थी और कानून पुलिस को कानूनी रूप से आपराधिक जांच शुरू करने के लिए बाध्य करता है।”
इस रिपोर्ट ने इस बात को भी इंगित किया कि पुलिस ने हर बार अपराध होने की स्थिति में संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार नहीं किया या ना ही आधिकारिक रूप से शिकायत दर्ज करने के लिए प्राथमिकी दर्ज की। कई दूसरे मामलों में अधिकारियों ने शिकायत दर्ज होने के ही स्तर पर समझौता कर लिया।

छानबीन, सजा और मुकदमा बढ़ाने का दिया सुझाव

रिपोर्ट में अधिकारियों ने सुझाव देते हुए कहा, “बंधुआ मजदूरी सहित हर तरह के तस्करी के मामलों में छानबीन, सजा, और मुकदमा बढ़ाया जाए। मानव तस्करी के मामले में आधिकारिक जटिलता के आरोपों की सख्ती से जांच की जाए और अपराधियों को उचित समय के लिए जेल भेजा जाए।”
इस रिपोर्ट ने भारत सरकार को आश्रयों की प्रयाप्त देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी व्यवस्था को विकसित करने और उसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का सुझाव दिया। इसके अलावा इसने उन आश्रयों जो सरकारी मानकों को पूरा करते हैं उनके लिए तत्काल धन वितरित करने का सुझाव भी दिया। ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स की रिपोर्ट में देशों को टायर 1, टायर 2, टायर 2 वॉचलिस्ट, और टायर 3 की कैटेगरी में रखा जाता है।
जिन देशों की सरकारें तस्करी के खात्मे के लिए टीवीपीए के न्यूनतम मानकों को पूर्ण रूप से पूरा करते हैं उनको टायर 1 की कैटेगरी में रखा जाता है।
वहीं जिन देशों की सरकारें न्यूनतम मानकों को पूर्ण रूप से पूरा नहीं करती हैं और ना ही ऐसा करने का प्रयास करती हैं उन्हें टायर 3 कैटेगरी में रखा जाता है।

चीन को ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स के टायर 3 कैटेगरी में रखा गया

2020 के लिए जारी रिपोर्ट में भारत को टायर 2 की कैटेगरी में रखा गया है वहीं दूसरी तरफ भारत के पड़ोसी देश चीन को टायर 3 की कैटेगरी में रखा गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चाईनीज कम्युनिस्ट पार्टी और उसके राज्य के स्वामित्व वाले उद्यम अक्सर नागरिकों को बेल्ट और सड़क पहल परियोजनाओं पर भयावह परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर करते हैं।

Leave a Reply

%d bloggers like this: