4 जून को ट्विटर अकाउंट ब्लॉक होने के बाद पुनः मिली पहुंच, ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा अमूल का मुद्दा

नई दिल्ली: ‘चीन उत्पादित पदार्थो का बहिष्कार’ की मुहिम में शामिल होना अमूल को भारी पड़ गया। शनिवार शाम, 4 जून को ट्विटर ने गुजरात को ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के नाम से अमूल के लिए खाद्य पदार्थ बनाने वाली कंपनी का ट्विटर अकांट ब्लॉक कर दिया। हालांकि रविवार सुबह, 5 जून तक उसे फिर से बहाल कर लिया गया।

जब ट्विटर संचालकों से पूछा गया कि ऐसा क्यों हुआ तो जनता के रोष को देखते हुए ट्विटर ने जवाब में यह कहा कि किन्हीं सुरक्षा कारणों से उन्हें ये कदम उठाना पड़ा।
अमूल के प्रबन्ध संचालक आरएस सोढ़ी ने बताया कि 4 जून की शाम को कंपनी का ट्विटर अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया था। हालांकि जब इस मामले को जब ट्विटर के सामने उठाया गया तो 5 जून की सुबह अकाउंट पुनः चालू किया गया।

शनिवार शाम को हुआ था अकाउंट ब्लॉक

आरएस सोढ़ी ने कहा, “हमने ट्विटर से पूछा है कि उन्होंने हमारा अकाउंट ब्लॉक क्यों किया। हम जवाब का इंतजार कर रहे हैं।”

शनिवार को शाम के बाद से ट्विटर इस घटना पर प्रतिक्रियाओं से भर गया। कईयों ने ट्विटर के इस कदम पर आश्चर्य व्यक्त किया तो कई लोगों ने सवाल पूछे। लोगों ने ट्विटर के इस कदम को अमूल के चीन उत्पादित पदार्थो के बहिष्कार मुहिम में शामिल होने से जोड़ा। शनिवार को यह विषय ट्विटर पर 11,500 ट्वीट्स के साथ टॉप ट्रेंड में था।

अमूल के नवीनतम कार्टून से जोड़ा लोगों ने यह मामला

एक कार्टून में प्रतिष्ठित अमूल गर्ल चीनी ड्रैगन, जो कि मेड इन चाइना का घोषणापत्र लेकर खड़ा है, उससे लड़ती दिख रही है। इस रचनात्मक कार्टून में अमूल – मेड इन इंडिया लिखा दिखता है जो कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत को दर्शाता है।
इस कार्टून के बारे में बात करते हुए सोढ़ी ने कहा, “ जहां तक कार्टून का सवाल है, वो अमूल की टिप्पणी नहीं है। अमूल गर्ल देश के मिजाज पर और लोगों के बीच चर्चित विषयों पर टिप्पणी करती है।”

अकाउंट खोलने पर एक संदेश दिखाई देता है जो कि कहता है, “ यह अकाउंट अस्थाई रूप से बाधित है। आप यह चेतावनी देख रहे हैं क्योंकि इस अकाउंट से कुछ असामान्य गतिविधि हुई है। क्या आप अभी भी इसे देखना चाहते हैं?”

ट्विटर प्रवक्ता ने दिया उत्तर

ट्विटर के प्रवक्ता ने ईमेल में दिए बयान में कहा, “खातों की बचाव और सुरक्षा हमारे लिए एक प्रमुख प्राथमिकता है, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी खाते से समझौता नहीं किया गया है, कभी-कभी हमें एक सरल reCAPTCHA प्रक्रिया को पूरा करने के लिए खाता स्वामी की आवश्यकता होती है। इन चुनौतियों के कारण प्रामाणिक खाता स्वामियों के लिए यह आसान है, लेकिन स्पैम या दुर्भावनापूर्ण खाता मालिकों के लिए मुश्किल (या महंगा) है।”
उन्होंने अपने बयान में जोड़ते हुए कहा कि एक बार यह सुरक्षा प्रक्रिया पार करने के बाद अकाउंट तक पूरी पहुंच मिल जाती है।
प्रवक्ता ने जोड़ते हुए कहा, “खातों के बचाने के लिए हम समय समय पर लॉगिन वेरिफिकेशन के ये सुरक्षा प्रक्रिया पूरी करवाते हैं।”

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