पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीमा विवाद पर चीन को चेताया, शांति से हल निकालने का दिया सुझाव

Pic Credit: ANI

चंडीगढ़, पंजाब: भारत और चीन के सीमा पर अभी तनाव चल रहा है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र को इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाने को कहा। क्योंकि अबतक भारत के राजनयिक कदमों पर चीन से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है। हालांकि उनका इशारा युद्ध की तरफ बिल्कुल नहीं था।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बोले अमरिंदर सिंह

उन्होंने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, “चूंकि दोनों देश संप्रभु राष्ट्र हैं, तो दोनों देशों को मिलकर इस समस्या का एक राजनयिक हल ढूंढना चाहिए। हिन्दुस्तान युद्ध नहीं चाहता लेकिन चीन से ऐसी हरकत बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। हम शांति चाहते हैं लेकिन इसका ये कतई मतलब नहीं कि वो हमारे जमीन में घुसे चले आएं। चीनियों को हमारे सीमा से बाहर धकेलना ही होगा।” उन्होंने यह भी कहा, “इस समस्या को समझौते और राजनयिक तरीके से हल किया जाना चाहिए। परंतु सीमा पर चीन के इस आक्रामक रवैए से चुनौती खड़ी हो रही है उसे हम पीठ नहीं दिखा सकते हैं।”

उन्होंने इस बात पर खासा जोर डालते हुए कहा कि भारत अपनी जमीन गवां नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि अगर इस चुनौती का जवाब नहीं दिया गया तो भविष्य में चीन और जमीन की मांग करेगा जो कि किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है।

अमरिंदर सिंह ने चीन को चेताते हुए कहा, “चीन को हिन्दुस्तानी जमीन छोड़ कर जाना होगा जिसमें वो अंदर तक घुस चुके हैं और जिस जमीन पर उनका कोई अधिकार नहीं है। भारत की सेना 1962 के मुकाबले अब कहीं ज्यादा ताकतवर है। उसके पास आधुनिक हथियार हैं और चीन को उसे बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए।”

लद्दाख में चल रहा विवाद

पूर्वी लद्दाख में आमने-सामने के बीच शुक्रवार को भारत और चीन के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की और इस बात पर सहमति जताई कि इस समस्या का हल बातचीत से होना चाहिए। इस बीच एक दूसरे के भावनाओं और चिंताओं का ख्याल रखा जाए और नेतृत्व द्वारा प्रदान किए गए मार्गदर्शन के अनुसार उन्हें विवाद नहीं बनने दिया जाए।

दोनों देशों की सेनाएं गतिरोध में है क्योंकि भारत का कहना है कि चीन ने भारत की सामान्य गश्त पैटर्न में बाधा उत्प्पन्न करने का काम किया है। भारतीय दल का ये भी कहना है कि वो भारत-चीन सीमा यानी LAC के नियमों का पूर्ण रूप से पालन कर रहे हैं।

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