विशाखापट्टनम गैस रिसाव पीड़ितों की मदद के लिए विशाखापट्टनम पहुंची भारतीय नौसेना

 विजाग गैस रिसाव पीड़ितों की मदद के लिए विशाखापट्टनम पहुंची भारतीय नौसेना

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गैस रिसाव पीड़ितों

विशाखापट्टनम में स्टाइलिन गैस रिसाव से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारतीय नौसेना विशाखापत्तनम प्रशासन के पास पहुंच गई है।

भारतीय नौसेना बल ने कहा कि श्वास सेट और दो एम्बुलेंस के साथ नौसेना दल एलजी पॉलीमर्स के पास गैस रिसाव से प्रभावित गांवों में लोगो की सहायता कर रही है।

” एक शीर्ष भारतीय नौसेना अधिकारी ने कहा कि नेवल डॉकयार्ड विशाखापत्तनम (NDV) की तकनीकी टीमें किंग जॉर्ज अस्पताल में है। और ये टीम आज सुबह एलजी पॉलीमर्स विशाखापत्तनम से गैस रिसाव से प्रभावित मरीजों को बड़ी संख्या में क्विक इंस्टालेशन की सहायता से ऑक्सीजन प्रदान कर रही है।

भारतीय नौसेना ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में किंग जॉर्ज अस्पताल को पांच पोर्टेबल मल्टीफ़ेड ऑक्सीजन मैनिफ़ॉल्ड सेट प्रदान किए हैं ताकि गैस रिसाव के कारण प्रभावित ग्रामीणों को चिकित्सा में मदद मिल सके।

पोर्टेबल मल्टीफ़ेड ऑक्सीजन मैनिफोल्ड सिस्टम को नेवल डॉकयार्ड विशाखापत्तनम (NDV) द्वारा डिज़ाइन किया गया था। ताकि एक बड़े आकार की ऑक्सीजन बोतल इतनी सक्षम हो कि COVID-19 महामारी के लिए 6  रोगियों को एक साथ ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सके।COVID-19 रोगियों के इलाज में उपयोग के लिए जिला प्रशासन को पहले ही  25 ऐसे सेट प्रदान भी किए गए थे।

गुरुवार तड़के आंध्र प्रदेश में त्रासदी हुई, क्योंकि शहर में एक रासायनिक इकाई से गैस लीक हो गई जिसने लोगो को  1984 की भोपाल गैस त्रासदी की याद दिला दी  विशाखापत्तनम की गलियों और अस्पतालों में दहशत छा गई। लोगों में डर का माहौल हो गया।

ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, त्रासदी तब हुई जब लॉकडाउन के कारण बंद हुई रासायनिक इकाई को गुरुवार सुबह फिर से चालू किया जा रहा था। टैंकों में संग्रहित गैस लीक होने लगी और तीन किमी के दायरे में फैल गई। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना दो गैसों – स्टाइरीन और पेंटाइन की वजह से हुई है।

लेकिन भारतीय नौसेना ने विशाखापट्टनम पहुंच कर हालात को सुधारने में काफी मदद की है। और वो अभी भी राहत कार्य में जुटी हुई है।

 

 

 

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