नहीं रहे हॉकी के लीजेंड, 3 बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता, बलबीर सिंह

हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी और तीन बार ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता, बलबीर सिंह सीनियर का 95 साल की उम्र में सोमवार को चंडीगढ़ के एक अस्पताल में निधन हो गया। आज सुबह लगभग 6:30 बजे उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में 8 मई को भर्ती कराया गया था

बलबीर सिंह भारत का प्रतिनधित्व करने वाले महानतम खिलाड़ियों में से एक थे। बलबीर सिंह ने 1956 के ओलंपिक खेलों में भारत की कप्तानी की थी और 1975 विश्व कप विजेता टीम के प्रबंधक भी थे, को हाल ही में बहु-अंग विफलता ( multi organ failure) की गंभीर स्थिति में 8 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वे वेंटिलेटर पर थे। 25 मई को अंतिम सांस लेने से पहले उन्हें  कई बार कार्डियेक अरेस्ट के दौरे का सामना करना पड़ा। हॉकी के उस्ताद पल्मोनरी इलनेस से भी जूझ रहे थे, इन्हे यह बीमारी पिछले दो सालों से थी।

बलबीर सिंह 1957 में पद्म श्री से सम्मानित होने वाले पहले हॉकी खिलाड़ी थे। 1977 में, वे अपनी आत्मकथा ‘द गोल्डन हैट ट्रिक: माई हॉकी डेज़’ के साथ सामने आए।

ओलंपिक में एक पुरुष हॉकी खिलाड़ी के तौर पर फाइनल में किसी व्यक्ति द्वारा बनाए गए सर्वाधिक गोल (पांच) का  उनका विश्व रिकॉर्ड अभी भी नाबाद है। उन्होंने 1952 में हॉलैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की। भारत ने यह मैच 6-1 से जीत लिया था।

अपने सक्रिय हॉकी करियर को समाप्त करने के बाद, उन्होंने 1992 में अपने कर्तव्य से सेवानिवृत्त होकर पंजाब राज्य खेल परिषद के सचिव और पंजाब सरकार में खेल निदेशक के रूप में भी कार्य किया। हॉकी के इस महानतम खिलाड़ी ने इस साल 5 मार्च 2020 को टाइम्स ऑफ इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड्स (TOISA) में अपनी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति दी थी।

 

 

 

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