हिमाचल प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष का इस्तीफा

हिमाचल के भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज पार्टी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को अपना त्याग पत्र भेज दिया है। इस पत्र में उन्होंने लिखा कि वह नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहते हैं। गौरतलब है कि पीपीई कीटों की खरीद में घोटाला होने के आरोप स्वास्थ विभाग के निदेशक पर लग रहे हैं और इसके तार बीजेपी से भी जोड़े जा रहे हैं जिसके चलते डॉ. बिंदल ने इस्तीफा दिया।।

बीते दिनों एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ था जिसमें स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को रिश्वत मांगते हुए सुना गया था। इस पर तुरंत करवाई करते हुए स्वास्थ विभाग के निदेशक को गिरफतार कर लिया गया है और उनके खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की जांच विजिलेंस विभाग को सौंप दी गयी है।

डॉ.  बिंदल का कहना है कि उनकी पार्टी द्वारा इस महामारी के समय में लोगों की बहुत मदद की है और लोगों द्वारा बीजेपी पार्टी पर उंगली उठाना अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि हमारे लोग पिछले दो माह से लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं। उनकी पार्टी द्वारा लोगों को खाना, मास्क, सैनिटाइजर आदि भी समय समय पर बांटे गए हैं। डॉ बिंदल का कहना है कि ये मामला काफी गंभीर है और इसकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। इसलिए उन्होंने प्रदेश पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर इस्तीफा देना वाजिब समझा।

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी इस बारे में टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि ये मामला काफी गम्भीरता भरा है। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वैसे तो घोटाले होते रहते हैं मगर इस घोटाले को लेकर जनते में आक्रोश है। जहां एक तरफ लोग अपनी तनख्वा दे रहे हैं, हर तरह से मदद कर रहे हैं ऐसे समय में ऐसा घोटाला शर्मनाक है। इससे लोगों का विश्वास डगमगा गया है।

पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है और ऐसे समय में इस तरह का घोटाला महापाप है। उन्होंने बिंदल के इस्तीफे पर कहा “नैतिकता या निष्पक्ष जांच का हवाला देकर इस्तीफा देना कोरी बातें हैं। भाजपा इस प्रकरण में घिर गई थी और इससे बाहर निकलने के लिए ऐसे इस्तीफों की जरूरत थी। इसको लेकर जनता में आक्रोश था और जब इस आक्रोश की आंच बढ़ी तब ये इस्तीफा हुआ।”

87396bb1 b27b 4ad5 9b5d ccc1a676e14a

उन्होंने कहा कि ये महकमा मुख्यमंत्री के अधीन आता है इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर 2 बातों की मांग की थी। पहली की इस मामले की जांच हाई कोर्ट के सिटींग जज से करवाई जाए और दूसरा ये की इस सरकार के साशन काल के दौरान जितने भी मेडिकल उपकरण, सैनिटाइजर, दवाईयों आदि की खरीद हुई है, सरकार उसका श्वेत पत्र जारी करे। सरकार ये भी सुनिश्चित करे कि कोरोना के राहत कार्यों में कोई आंच न आये और ईस मामले की निष्पक्ष और पूर्ण जांच हो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आत्मनिर्भर कोरोना वायरस

Leave a Reply

%d bloggers like this: