सीएए पर राहुल गांधी को बहस की चुनौती : प्रभात झा

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने खरगौन में संगोष्ठी को किया संबोधित

नागरिकता संशोधन कानून सीएए पर कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने लोगों को गुमराह करने के बाद दंगे भड़काने का काम कर राष्ट्रीय अपराध किया है। राहुल गांधी तो आजकल कहीं बोलते हुए दिखाई नहीं देते लेकिन मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि सीएए पर मेरे साथ एक मंच पर आकर बहस कर लें। अगर उसके बाद जनता उनका साथ दे तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। यह बात पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद प्रभात झा ने खरगौन में आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही।

झा ने कहा कि देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था। आजादी के समय पाकिस्तान में 3 करोड़ हिंदू थे जो आज घटकर 2 लाख से भी कम हो गए हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर लगातार अत्याचार हुए। उनका धर्मांतरण किया गया या उन्हें मार दिया गया। केंद्र सरकार ने सीएए के माध्यम से पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी व ईसाई शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का कानून बनाया है। सीएए नागरिकता देने का कानून है किसी की नागरिकता लेने का नहीं है। ऐसे में कांग्रेस व वामपंथी दल मिलकर वोट बैंक की राजनीति चमकाने के लिए अल्पसंख्यक मुसलमानों को भड़काने व देश में दंगा भड़काने का राष्ट्रीय अपराध कर रहे हैं। मोदी सरकार ने मुस्लिम माता-बहनों को ट्रिपल तलाक जैसी सामाजिक बुराई से मुक्ति दिलाने के लिए कड़ा कानून बनाया। भाजपा सरकार ने एक देश, एक कानून के स्वप्न को साकार करते हुए कश्मीर से धारा 370 और 35 ए हटाने का कार्य किया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेंद्रसिंह राठौर, ओम सोनी, परसराम चौहान, भूपेंद्र आर्य, धुलसिंह डाबर, हितेंद्रसिंह सोलंकी, बालकृष्ण पाटीदार, रणजीतसिंह डंडीर, कल्याण अग्रवाल, विपिन गौर, भागीरथ कुमरावत, मोहन जायसवाल, दीपक कानूनगो उपस्थित थे

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