समाजवादी पार्टी के नेता और पुत्र की UP में की गई गोली मारकर हत्या

समाजवादी पार्टी के एक राजनेता और उनके बेटे की हत्या का एक झुलसा देने वाला वीडियो सामने आया हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक खेत में दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई हैं।  यह हत्या राज्य की राजधानी लखनऊ से 379 किमी और दिल्ली से 187 किमी दूर संभल जिले के एक गांव में हुई।

मनरेगा योजना के तहत बनाई जा रही एक सड़क को लेकर विवाद के बाद यह भड़काऊ घटना हुई।  समाजवादी पार्टी के नेता छोटे लाल दिवाकर और उनके बेटे सुनील गाँव के एक खेत में सड़क का निरीक्षण करने गए थे।  मैदान के बीच में संकरी सड़क पर, दो अन्य पुरुषों के साथ उनकी बहस हो गई, जो उसी ही गाँव के हैं। 

वह दो अन्य व्यक्ति के पास राइफल थी। उन पुरुषों में से एक की पहचान स्थानीय निवासी सविंदर के रूप में हुई है। 2 मिनट, 30 सेकंड के वीडियो में दो पुरुषों को दिखाया गया है,  जिसमें से एक सफेद शर्ट में और दूसरा गुलाबी शर्ट में । दोनों हाथों में राइफल पकड़े हुए हैं और कीचड़ वाली सड़क पर चलते हुए नेता एवं उसके बेटे के साथ बहस कर रहें हैं।

 वीडियो में एक आदमी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ” गोली चला ” । कुछ अन्य लोगों को भी दो उत्तेजित पुरुषों को शांत कराने की कोशिश करते हुए सुना जा सकता है।  बाद में, दोनों लोग वापस जाते हैं, राजनेता और उनके बेटे पर खुले आम बंदूक चलाते हैं।

वीडियो अचानक से समाप्त हो जाती है। एक आदमी को चिल्लाते हुए सुना जा सकता है।  गोली लगने के कारण एक आदमी मैदान पर लेटा हुआ दिखाई देता हैं।

छोटे लाल दिवाकर की पत्नी संभल के शामसोई गांव की प्रधान हैं। पिता और पुत्र को गोली मारने वाले ये लोग गुस्से में थे कि मनरेगा योजना के तहत बनाई जा रही सड़क उनके खेतों की अवहेलना कर रही है। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर एक लंबी बहस हुई, जिसमें मौखिक गालियां और धमकियां शामिल थीं। छोटे लाल दिवाकर और उनके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही गिरफ्तारी करेंगे।  संभल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी यमुना प्रसाद ने कहा, ” वीडियो को रिकॉर्ड कर रहे लोगों में से हमने कुछ लोगों को पकड़ लिया हैं और हम उनसे पूछताछ करने का काम रहे हैं। हम यह उम्मीद करते हैं कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे ।”

समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष फिरोज़ खान ने कहा कि छोटे लाल दिवाकर 2017 में विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार थे। हालांकि, उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा, क्योंकि सीट गठबंधन पार्टी के पास चली गई थी। उन्होंने इस हत्या के लिए इलाके के स्थानीय गुंडों को भी जिम्मेदार ठहराया।

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