राष्ट्रपति द्वारा एक साल के लिए कोरोना के खिलाफ जंग में 30 प्रतिशत वेतन का योगदान तथा खर्च कम करने के लिए राष्ट्रपति भवन द्वारा उठाये गए कदम

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने COVID-19 के खिलाफ लड़ाई को वित्तपोषित करने के लिए एक साल तक अपने वेतन का 30 प्रतिशत देने का फैसला लिया है तथा साथ में राष्ट्रपति भवन के खर्चो को काम करने की बात की हैं।

 राष्ट्रपति कोविंद ने इससे पहले मार्च महीने में अपने एक महीने के वेतन को PM-CARES फंड में योगदान दिया था। राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन को खर्चों को कम करने, संसाधनों के अनुकूलतम तरीके से उपयोग करने और कोविड -19 का मुकाबला करने के लिए बचाए गए धन का बेहतर ढंग से उपयोग करने और लोगों की आर्थिक दुर्दशा को थोड़ा बेहतर करने के उदाहरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

“राष्ट्रपति के अनुमान में, यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए छोटा लेकिन महत्वपूर्ण योगदान होगा और महामारी से लड़ने में मदद करेगा तथा विकास एवं समृद्धि की राह में बढ़ने में मदद करेगा ।”  

राष्ट्रपति भवन अपने खर्च को कम करने के लिए कई उपाय करेगा, जिसमें वित्त वर्ष 2020-21 में नए पूंजीगत कार्य न करना और केवल चल रहे कार्यों को ही पूरा करना शामिल है। मरम्मत और रखरखाव का काम केवल परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए कम से कम किया जाएगा।

समारोह के दौरान At-Home समारोहों और राज्यभोज जैसे समारोहों को कम से कम किया जाएगा, ताकि सामाजिक दूरी बनायी रखी जाए ,अतिथि सूचियों को छोटा रखा जाएगा, सजावट के लिए फूलों और अन्य वस्तुओं का कम उपयोग और भोजन मेन्यू को संभव हद तक कम किया जाएगा । इसके अलावा, कार्यालय उपभोग्य सामग्रियों के उपयोग में पर्याप्त कमी की जाएगी।

राष्ट्रपति भवन में अपव्यय से बचने के लिए कागज के उपयोग में कटौती करने और कार्यालय को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए ई-तकनीक का उपयोग करेगा और साथ ही उनके उपयोग को तर्कसंगत बनाकर ऊर्जा और ईंधन बचाने के प्रयास भी होंगे।

 उन्होंने कहा, “घरेलू दौरे और कार्यक्रमों को सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कम किया जाएगा और इस तरह के अभ्यासों से होने वाले खर्च को कम से कम भी किया जाएगा। इसके बजाय, राष्ट्रपति काफी हद तक लोगों तक पहुंचने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करेंगे।

रिपोर्टो के अनुसार, यह अनुमान है कि इन उपायों से मौजूदा वित्तीय वर्ष में राष्ट्रपति भवन के बजट का लगभग 20 प्रतिशत की बचत होगी। उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे उपायों का आउटसोर्स / संविदाकर्मियों द्वारा दिए गए समर्थन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े तथा गरीब लोगों के कल्याण के लिए राष्ट्रपति भवन द्वारा की गई अन्य गतिविधियाँ भी प्रभावित न हो।” यह सारी बातें राष्ट्रपति भवन द्वारा औपचारिक रिलीज़ में कही गयी हैं।

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