मुज़फ़्फ़रपुर में तीन महिलाओं के साथ जबरदस्ती

दरअसल पुरुषों का महिलाओं के प्रति सदियों से यही मानसिकता रही है. हर बार शर्मिंदा होते रहे हैं फिर भी बाज नहीं आते. दो दिनों से सफूरा जरगर के खिलाफ सोशल मीडिया पर खूब जहर बोया गया. उसके प्रेग्नेंसी को लेकर सवाल किए गए और ना जाने कैसी-कैसी गालियाँ दी गई.

अब बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में यह घटना घटी है जहाँ तीन महिलाओं के साथ जबरदस्ती की गई और पेशाब पीने के लिए मजबूर किया गया.

सिर्फ यही नहीं, हर युग में महिलाओं के साथ नाइंसाफी हुई है और हर वो शख्स इसके लिए जिम्मेदार है, जिसे अपने मर्द होने पर गुमान है.

महिलाओं के खिलाफ जहर उगलने वालों ने लगता है रामायण से कुछ नहीं सीखा है. आखिर जब रामायण चल रहा था तब ये लोग कहाँ थे?

त्रेतायुग में माता सीता को अपमानित किया गया. उनके चरित्र के ऊपर सवाल किए गए. यह तो सदियों से पुरुषों की मानसिकता रही है. इसी पुरुष मानसिकता का परिणाम महिलाएं भुगत रही हैं. हमें राम बनना होगा तभी हम इन सब बुराइयों पर विजय पा सकते हैं. साथ ही ऐसे रावण को सजा दे सकते हैं जो महिलाओं के खिलाफ हर रोज जहर उगलते हैं.

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