बॉयज लॉकररूम एक शर्मनाक घटना

देश में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा एक बहुत गंभीर मुद्दा हैं। विभिन्न प्रयासों के कारण भी देश इन घटनाओं से छुटकारा नही पा सका हैं। इसी तरह की एक घटना इन दिनों खबरों में हैं। सोशल मीडिया जो अपनी बात को रखने का, लोगो से जुड़ने का  तथा जीवन में सकारात्मकता पाने का तरीका हैं परन्तु हमेशा उसका सदुपयोग हो ऐसा ज़रूरी नहीं।

इंस्टाग्राम पर बॉयज लॉकर रूम नाम का एक ग्रुप इस बात का उदाहरण हैं जिसका हिस्सा बढ़ी संख्या में लड़के हैं जो केवल 16 -18 वर्ष के स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे हैं। उनके बीच हुई बातों में लड़कियों के बारे में अश्लील बातें , उनके नग्न चित्रो को शेयर करना, गैर कानूनी बातें एवं बलात्कार के तरीकों के बारे मे चर्चा शामिल हैं।

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Group Members

दिल्ली पुलिस ने 21 लड़को को पहचान कर उनके मोबाइल फोन को जब्त कर लिया हैं तथा साइबर क्राइम सेल ने जांच शुरू कर दी हैं। सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है। इन लड़को की पहचान साउथ दिल्ली के किसी अव्वल स्कूल के विद्यार्थियो के रूप में हुई हैं। 

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इनके द्वारा की गई बातचीत स्वयं के सहपाठियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न, छोटी लड़कियो के साथ बलात्कार एवं दुर्व्यवहार के इर्द-गिर्द घूमती हैं जो कि समाज के लिए एक चिंता का विषय हैं।

यह खबर रविवार को सुर्ख़ियो में आई जब एक लड़की ने बातचीत के स्क्रीनशॉटस ले कर सोशल मीडिया पर हर जगह वायरल कर दिया जिसे ग्रुप में एक लड़के द्वारा जोड़ा गया था। इन लड़को के खिलाफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के अंतर्गत केस डाला गया हैं तथा इनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाने की बात की गई हैं।

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने मांग की कि केंद्र इस समस्या के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम उठाए, उन्होंने यह बात रखते हुए महिलाओं के खिलाफ लॉकडाउन के चलते बढ़ते साइबर अपराध की ओर ध्यान दिलाया। 

सोशल मीडिया जिसको समाज के बारे में जानने के लिए तथा कुछ सीखने के लिए बनाया गया परंतु आज के समय मे इस का दुरुपयोग समाज मे अश्लीलता एवं महिलाओ को असुरक्षित महसूस कराने के लिए किया जा रहा हैं जो कि एक दुःख की बात हैं। यह घटना मात्र एक उदाहरण हैं ऐसे कई दिमाग हमारे समाज में हैं। यह घटना सबक देती हैं कि आज की पीढ़ी गलत सही में फर्क करने में असमर्थ हैं तथा अभिभावकों को बेहद सावधान होने की आवश्यकता हैं।

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