प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम छठा संबोधन, गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि में बढ़ोतरी की घोषणा:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शाम 4 बजे देश की 130 करोड़ की जनता के नाम संबोधन किया। उन्होंने संबोधन की शुरुआत कोरोना के लक्षणों के बारे में बात करते हुए की जोकि इस मौसम के दौरान लोगों में आम हो गए हैं। उन्होंने जनता से अपना ध्यान रखने की प्रार्थना करी।

अनलॉक 1 में देखने में आए लापरवाही के दृश्य

मोदी जी ने इस बात का ज़िक्र किया कि हमारे देश में मृत्यु दर दूसरे देशों की अपेक्षा काफी कम हैं परंतु इसका मतलब यह नहीं हैं कि भारत में कोरोना खत्म हो गया हैं। समय पर लिए गए लॉकडाउन के निर्णय ने लोगों की जान बचाने में बेहद मदद की तथा लॉकडाउन के दौरान लोगों द्वारा नियमों का भी गंभीरता से पालन किया गया। वहीं दूसरी ओर अनलॉक के दौरान लोगों को लापरवाही बरतते हुए देखा गया, जब ज्यादा सतर्कता की अत्यंत अवश्यकता थीं। लोगों ने फेस कवर करने , 2 गज की दूरी एवं दिन में कई बार 20 सेकंड तक हाथ धोने जैसी सावधानियों का ध्यान रखना बिल्कुल बन्द कर दिया।

गंभीरता से नियमों के पालन करने की आवश्यकता

मोदी जी ने जनता से आह्वान किया कि गंभीरता से नियमों का पालन करें। सरकारों, स्थानीय निकायों तथा लोगों को साथ में मिलकर सतर्कता बरतने की अवश्यकता हैं तथा मोदी जी ने स्थानीय प्रशासन से कहा कि कन्टेनमेंट ज़ोन का खासा ध्यान रखें।

आगे प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा की नियमों के पालन कराने के लिए रोकने व टोकने से परहेज़ न करे। प्रधानमंत्री ने एक देश का उदाहरण रखते हुए बताया कि मास्क न पहनने पर देश के पीएम पर 13 हजार का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह हमारे देश के स्थानीय निकायों को भी चुस्ती दिखाने की आवश्यकता हैं, जिससे देश की 130 करोड़ की आबादी की रक्षा हो सकें। उन्होंने आगे कहा कि चाहे गाँव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, नियमों से ऊपर कोई नहीं हैं।

गरीबों के घर चूल्हा जलना सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन का मुख्य उद्देश्य गरीबों को भूख की मार से बचाना था। उन्होंने बताया कि सरकार तथा के संस्थाओ की सहायता से गरीबों को रोटी पहुंचाए जाने का काम चल रहा हैं। हमारी प्राथमिकता यहीं हैं कि इतने वृहत्त देश में कोई गरीब भूखा न सोए। इसी काम को सफलता से पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत गरीबों के लिए पौने दो लाख करोड़ के पैकेज को निर्धारित किया गया हैं। 3 महीनों के अंदर 30 करोड़ जन धन खातों में 3 हजार करोड़ जमा कराए गए हैं। 

प्रत्येक घर में राशन पहुंचाने के लिए सरकार पचास हजार करोड़ खर्च कर चुकी हैं, जिसके अंतर्गत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलेगा। यह आबादी अमेरिका, ब्रिटेन तथा सोवियत यूनियन जैसे देशों की आबादी से भी ज्यादा हैं।

नवम्बर तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मुफ्त राशन

प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए दिवाली तथा छठ महीने तक मुफ्त राशन की सुविधा के विस्तार की घोषणा की। जुलाई से 5 महीनों तक परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूँ या 5 किलो चावल मिलेगा तथा साथ मे प्रत्येक परिवार को 1 किलो चना भी मिलेगा। इस कार्य के लिए सरकार 90 हज़ार करोड़ से ज़्यादा पैसे खर्च कर रहीं हैं।

मोदी जी ने उन राज्यों की भी प्रशंसा की जहाँ वन नेशन,वन राशन योजना की शुरुआत हो गई तथा उन्होंने अन्य राज्यों से यह अपील करते हुए कहा की जल्द से जल्द इस योजना की शुरुआत अपने राज्यों में कर ले।

समाज के 2 महत्वपूर्ण वर्गो का अभिवादन

प्रधानमंत्री ने इस समस्या से निपटने के लिए समाज के 2 वर्गो का अभिवादन किया। वह वर्ग हैं मेहनती किसान वर्ग तथा ईमानदार करदाता। उन्होंने कहा कि इन दो वर्गो के परिश्रम एवं ईमानदारी के कारण ही देश में अन्न के भंडार भरे हुए हैं तथा गरीबों के घर चूल्हा जल रहा हैं। करदाताओं ने ईमानदारी से कर भरा हैं जो आज गरीबों की मदद के लिए काम आ रहा हैं।

लोकल के लिए वोकल” होने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें गरीब,वंचित,शोषित तथा पीड़ितों को सशक्त बनाने की अवश्यकता हैं। हमें एहतियात के साथ आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाना होगा। हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन-रात एक करेंगे तथा लोकल के लिए वोकल होंगे।

अंत में उन्होंने लोगों से कहा कि 130 करोड़ की आबादी को मिलजुल कर साथ काम करना होगा तथा उन्होंने सभी से कोरोना काल मे सावधानियां बरतने के लिए आग्रह किया।

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