जम्मू -कश्मीर में 2 जी नेटवर्क की बहाली तथा लद्दाख में LAC पर दिखी चीनी हेलिकॉप्टर की गश्ती, भारतीय वायुसेना ने तैनात किए लड़ाकू विमान

जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को पुलवामा और शोपियां जिलों को छोड़कर पूरे कश्मीर घाटी में 2 जी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया हैं।  सुप्रीम कोर्ट द्वारा “राष्ट्रीय सुरक्षा” के आधार पर घाटी में 4 जी मोबाइल डेटा सेवा की बहाली के आदेश से इन्कार करने के एक दिन बाद यह आदेश आया है।

 11 मई को जारी पत्र में, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कहा, “पुलवामा और शोपियां जिलों को छोड़कर, कश्मीर घाटी में मोबाइल डेटा सेवाओं को बहाल किया जाएगा। हालांकि, इंटरनेट की गति केवल केंद्र शासित प्रदेश में 2 जी तक ही सीमित रहेगी तथा 12 मई से यह प्रभावी होगा। “

जम्मू और कश्मीर में पिछले साल अगस्त में धारा 370 को समाप्त करने और तत्कालीन राज्य लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के दो केंद्र शासित प्रदेशों के विभाजन के बाद इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था।स्थानीय प्रशासन ने पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन और ब्रॉडबैंड पर 2 जी डेटा सेवाएं बहाल कर दी हैं,जब कि 4 जी मोबाइल इंटरनेट अभी भी घाटी में निलंबित है।

दूसरी ओर, सिक्किम सेक्टर के नकुला में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हाथापाई के समय पिछले सप्ताह लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चीनी हेलिकॉप्टरों को देखा गया था। चीन द्वारा भारतीय वायु सेना को लद्दाख में अपने लड़ाकू जेट गश्ती दल को वास्तविक नियंत्रण रेखा( LAC)  के करीब उड़ान भरने के लिए मजबूर करना चीन की एक चाल प्रतीत होती हैं।

ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायु सेना ने इन कारणों की वजह से जल्द ही अपने लड़ाकू जेट में सवार होकर क्षेत्र में गश्त और स्थिति पर नजर रखने लगी।” सूत्रों ने कहा कि चीनी हेलीकॉप्टरों ने भारत में LAC को पार नहीं किया परन्तु पास से गुज़र कर गया हैं।

भारतीय वायुसेना अक्सर अपने सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमानों को अन्य विमानों के साथ लद्दाख के लेह हवाई अड्डे से उड़ाती है। एक और नवीनतम विकास भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान द्वारा देखा गया कि पाकिस्तानी वायु सेना ने एफ -16 एस और जेएफ -17 की गश्त बढ़ा दी, भारत के साथ पूर्वी सीमा पर, विशेष रूप से रात में, हंदवाड़ा के आतंकी हमले के बाद, जिसमें 5 भारतीय मारे गए। पीएएफ वायु गश्ती दल के इस रैम्पिंग के लिए भारतीय सुरक्षा की बात को उठाया हैं।

भारतीय वायु सेना के लेह और थोईस एयरबेस सहित लद्दाख केंद्र क्षेत्र में दो मुख्य ठिकाने हैं, जहां लड़ाकू जेट स्थायी रूप से तैनात नहीं हैं, लेकिन लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन से अलग-अलग टुकड़ियां पूरे साल चलाया जाता हैं।

हालाँकि, उत्तरी सिक्किम में भारतीय सैनिकों के साथ हाथापाई चीन द्वारा खोला गया एक नया मोर्चा था जो चिंता का कारण था।  जब से कोविड -19 का प्रकोप हुआ है, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर अपने देश में पारदर्शिता बढ़ाने और वायरस की वास्तविक उत्पत्ति को उजागर करने का काफी दबाव है, जो कुछ लोगों ने चीन के वुहान में एक प्रयोगशाला से निकाले जाने का अनुमान लगाया है।  संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ व्यापार युद्ध तेज हो गया है और अधिकांश बहु-राष्ट्रीय कंपनियों ने सक्रिय रूप से विनिर्माण विकल्प की तलाश शुरू कर दी है, जिसमें भारत एक पसंदीदा स्थान के रूप में उभर कर आ रहा हैं। सुरक्षा स्रोतों ने अनुमान लगाया कि यह चीन की नई आक्रामकता के पीछे का कारण हो सकता है।

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