चीन और लद्दाख को लेकर मोदी और ट्रम्प के बीच कोई बातचीत नहीं: सूत्र

प्रधानमंत्री मोदी और यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच लद्दाख और चीन के मसले पर हाल ही में कोई बात नहीं हुई है। सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक “पीएम मोदी और यूएस राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच हाल ही में कोई सम्पर्क नहीं हुआ है। उनके बीच आखिरी बार बातचीत 4 अप्रैल 2020 को हैड्रोक्लोरोक्विन के मसले पर हुई थी। कल एम.ई.ए की तरफ से भी ये बात स्पष्ट कर दी गयी थी कि हम स्थापित तंत्र और राजनयिक संपर्क के माध्यम से चीन के साथ सीधे संपर्क में हैं।”

यह ट्रम्प के दावों की पृष्ठभूमि से आता है कि चीन के साथ जो भी चल रहा है उसको लेकर पीएम मोदी अच्छे मूड में नहीं हैं।

भारत ने दोहराया कि वह इस मसले को द्विपक्षीय रूप से हल करेंगे।

जहां भारत और चीन के मिलिट्री कमांडर आमने सामने बातचीत कर रहे हैं, और दोनों देशों की राजधानियों में इस मसले को राजनयिक रूप से सुलझाने के प्रयास चल रहे हैं वहीं भारतीय सेना भी पूर्व लद्दाख क्षेत्र, जिसमे गैलवान घाटी भी शामिल है, में अपनी क्षमताओं से करारा जवाब दे रही है। सूत्रों ने एएनआई को बताया कि भारत की सीमा को बनाये रखने के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जबकि भारत एक शांति प्रिय देश है, मग़र जब बात अपने देश की रक्षा की आती है तो वह दृढ़ है।

वर्तमान में चल रहे संगर्ष का कारण भारत द्वारा अपनी तरफ के एलएसी के लद्दाख क्षेत्र में लगातार निर्माण और निगरिक गतिविधियों में आये बढ़ाव को माना जा रहा है। चीन इस बात से चिड़ा हुआ है क्योंकि भारत लगातार लद्दाख में अवसंरचना अंतराल को कम कर रहा है। हालांकि भारत ने चीन की तरफ के एलएसी की गतिविधियों में किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं डाली है, चाहे वह प्री-फैब्रिकेटेड ढांचा लगाने की बात हो या फिर पेट्रोलिंग बढ़ाने की बात हो।

भारतीय सेना इस बात के लिए तैयार है कि ये संघर्ष लम्बे समय तक चल सकता है। भारत ने डोकलम से ये सीखा है कि चीन जल्दी पीछे हटने वाला नहीं है। उन पर कोई भी अंतरष्ट्रीय नियम काम नहीं करता और वह बार बार परखते रहते हैं की भारत कब तक और कितना दबाव झेल सकता है|

Leave a Reply

%d bloggers like this: