कोरोनोवायरस क्राइसिस को “टर्निंग पॉइंट” बनाने की आवश्यकता: पीएम मोदी

नई दिल्ली: देश इस समय कई तरह के संकटो का सामना कर रहा हैं। देश के लिए सबसे बड़ा संकट कोरोना के प्रभाव से निपटना हैं। इन सभी बातों के बीच प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बंगाल के व्यापारिक नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोनोवायरस संकट देश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बन जाना चाहिए और हमें इसका प्रयोग अपने आत्मनिर्भर भारत के मिशन को मजबूत करने के लिए करना चाहिए।  पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “लोग, ग्रह और लाभ” का सह-अस्तित्व और एक साथ पनपना संभव हैं।

इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स को सम्बोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, “हमारा देश कई चुनौतियों से गुजरा है। हम कोरोनोवायरस से लड़ रहे हैं, लेकिन कई अन्य संकट सामने आए हैं। बाढ़, टिड्डियां, तेल के खेतों में आग, भूकंप और देश के दो अलग-अलग हिस्सों में चक्रवात।”  

उन्होंने कहा, “हमें इन संकटों को एक अवसर के रूप में बदलना होगा, हमें इसे एक निर्णायक मोड़ देना होगा। कोरोना ने हमें भारत को आत्मनिर्भर बनाने का अवसर दिया हैं। हमारा संकल्प और हमारी ताकत इन समस्याओं का सबसे बड़ा इलाज है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना होगा कि हम जिन उत्पादों को आयात करने के लिए मजबूर  हैं, वे भारत में निर्मित हो और अंततः अन्य देशों को निर्यात किए जाए।

पीएम मोदी ने बंगाल के कई संदर्भों का उल्लेख किया क्योंकि उन्होंने राज्य के उद्योग नेताओं को संबोधित किया। “कोलकाता फिर से एक बड़ी शक्ति बन सकता है। बंगाल जो आज सोचता है, भारत कल सोचता है,” उन्होंने कहा।

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