लॉकडाउन के चलते पूरे विश्व का कार्बन उत्सर्जन 17% हुआ कम, वहीं भारत का 26%

अभी तक दुनिया में कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं बन पाई है तो ऐसे में दुनियाभर की सरकारों को कोरोना से बचने के लिए लॉक डाउन का सहारा लेना पड़ा। इस भयानक दौर में कोरोना से बचने के लिए जो लॉकडॉउन लगा है उससे पूरे विश्व में कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी आई है।

एक अध्ययन में यह कहा गया है कि अप्रैल महीने में पूरे विश्व में कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में 17 प्रतिशत की कमी आई है। इस वक्त हमारे पर्यावरण का प्रदूषण स्तर कम हो गया है, हम अभी पहले के मुकाबले अच्छी सांस ले रहे हैं। हालाकि वैज्ञानिकों का कहना है कि जब स्थिति सामान्य हो जाएगी तब फिर प्रदूषण का स्तर पहले कि ही तरह बढ़ने लगेगा।

यह रिपोर्ट अप्रैल के शुरुआत की है के इसमें कहा गया है कि कोरोना के चलते विश्व भर में लगे लॉकडाउन से वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 17 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। शोधकर्ताओं ने कहा यह आंकड़ा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से कार्बन उत्सर्जन में सबसे बड़ी वार्षिक कमी है। यह खबर हमारे लिए पर्यावरण की दृष्टी से अच्छी है।

भारत की बात करें तो यहां कार्बन उत्सर्जन में 26 प्रतिशत की गिरावट आई है। भारत में पिछले 40 सालों में पहली बार कार्बन के उत्सर्जन में कमी देखी गई है। यहां पर भी लॉक डाउन के चलते हमारे पर्यावरण पर बहुत सकारात्मक असर हुआ है। भारत में नदियों का जल भी काफी साफ हो गया है और प्रदूषण का स्तर काफी गिर गया है।

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