क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस का दावा, वित्त वर्ष 2020-21 में शून्य रह सकती है । भारत की जीडीपी:

कोरोना वायरस के कारण जहाँ एक तरफ़ समस्याएँ घटने का नाम नही ले रही वही  दूसरी तरफ  भारत के सामने  एक और  परेशानी  आ गई है।क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत की सॉवरिंग रेटिंग को घटा दिया है भारत की पहले रेटिंग “BAA2” वही कोरोना वायरस के वजह से”BAA3”हो चुकी है। मूडीज ने इसी को लेकर एक बयान दिया है कि भारत को आने वाले समय मे गहरी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।उन्होंने यह भी कहा कि भारत को गंभीर आर्थिक सुस्ती का खतरा है।जिसके कारण राजकोषीय लक्ष्य पर दवाब पड़ सकता है।

मूडीज ने भारत की लोकल करंसी भी घटाई:

मूडीज ने भारत की लोकल करंसी और लोकल लॉन्ग टर्म्स इश्यूअर को “BAA2” से घटाकर “BAA3” कर दिया गया। इतना ही नही शार्ट टर्म लोकल एजेंसी रेटिंग को p-2 से घटाकर p-3 कर दिया गया।
आउटलुक को भी इसमे नेगेटिव बताया गया।

तीन साल बाद फिर घटी रेटिंग:

खबरों के मुताबिक मूडीज ने तीन साल बाद भारत की रेटिंग “ BAA2” से घटाकर “BAA3”कर दिया। इससे पहले 2017 में मूडीज में करीब 13 साल बाद रेटिंग “BAA2”की थी जोकि फिर से घट कर”BAA3”हो चुकी है।जोकि एक खतरे का निशान बनते दिख रही है।
भारत को इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

कोरोना वायरस के चलते पूरे डेज़ह में लॉकडाउन जिससे लोगों के सारे काम रुक गए। इसी के साथ भारत की आर्थिक इस्तिथि भी बोहत ज़्यादा घटती जा रही है।इसी के चलते भारत को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जैसे:राजकोषीय घाटा, ऊँचे बुनियादें ढांचे, और नाजुक वित्तीय क्षेत्र को बड़ा नुकसान होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक मार्च2020 में भारत सरकार के 1.7 लाख करोड़ राहत पैकेज की घोषणा की थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि एक और राहत पैकेज की घोषणा कर सकता है।

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